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Sunday, July 5, 2020

उज्जैन में महाकाल का मोगरे की कलियों से श्रृंगार, काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए गुजरना होगा कई नियमों से https://ift.tt/3gGyJyz

श्रावण की पूर्व संध्या पर रविवार शाम उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह को मोगरे की कलियों से सजाया गया। एक भक्त की ओर से मोगरे की कलियों से शिवलिंग का भी श्रृंगार किया गया। पूरा परिसर मनमोहक महक सेमहक उठा। श्रृंगार दर्शन कर श्रद्धालु भी अभिभूत हो गए।निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी शांति स्वरूपानंद गिरि ने बताया कि शिव कल्याण स्वरूप हैं।

सृष्टि की उत्पत्ति और लय शिव में है। रुद्राष्टक में कहा गया है शिव व्यापक और अनंत हैं। शिव को ऐसे ही ध्यान और साधना से पाया जा सकता है। जब भक्त की दृष्टि असीमित हो जाती है तो उसे सर्वत्र अपना ईष्ट दिखाई देता है। परिस्थितिवश आज हमें घर पर रह कर ही शिव का ध्यान और साधना करना चाहिए, क्योंकि शिव कहीं और नहीं, हमारे अंतर में हैं।

बाबा के दर्शन के लिए कई नियमों से गुजरना होगा

आज से सावन माह की शुरुआत हो रही है। लेकिन, कोरोना के चलते इस बार सावन माह में श्रद्धालुओं को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए कई नियमों व बंदिशों से होकर गुजरना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल, मास्क पहननाअनिवार्य होगा। मंदिर के सीईओ गौरांग राठी ने बताया हर 6 घंटे के अंतराल पर मंदिर परिसर व आसपास के सभी क्षेत्रों को सैनिटाइज कराया जाएगा।

बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को तीन जोन से होकर गुजरना होगा। बाबा के दर्शन के लिए शहर में लगाए गए यूनीपोल पर भी इंतजाम किया जा रहा है। इसके जरिए आरती, पूजन और अभिषेक का लाइव प्रसारण होगा।

इस साल सावन में बन रहे कई विशेष योग

फोटो पंजाब के पटियाला की है। भोले शंकर का महीना यानी सावन की शुरुआत आज हो रही है। इस साल सावन में कई विशेष योग बन रहे हैं। सावन का महीना 6 जुलाई को सोमवार यानी भोले शंकर के दिन से शुरू हो रहा है। इसके अलावा सावन की समाप्ति भी सोमवार के दिन हो रही है। सावन में 06, 13, 20,27 जुलाई और 03 अगस्त को सोमवार पड़ेगा। सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

आमजनों के प्रवेश को लेकर अभी कोई फैसला नहीं

एक महीने बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ श्री मंदिर की रत्नवेदी पर विराजमान हो गए। रविवार से मंदिर में सामान्य पूजा शुरू हो गई। लेकिन मंदिर प्रशासन ने आमजनों के प्रवेश को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है। वहीं, शनिवार देर रात 13 दिन बाद निलाद्री बिजे (घर वापसी अनुष्ठान) के बाद रथयात्रा संपन्न हो गई। ज्येष्ठ पूर्णिमा को स्नान यात्रा के दिन तीनों भाई-बहनों की तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें स्वास्थ्य लाभ के लिए अणसर घर में एकांतवास (क्वारेंटाइन) के लिए पहुंचाया गया था।

एमआई-17 की आवाज से टिड्डियां उड़ीं, ऊपर से केमिकल बरसाया

सीमा पार से आई फसलों की दुश्मन टिडि्डयों पर रविवार को पहली बार एयरफोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने कीटनाशक से हमला किया। पूरी प्लानिंग से किया यह हमला इतना प्रभावी रहा कि 50% टिडि्डयों ने मौके पर और 1-2 किमी उड़कर दम तोड़ दिया। बाकीटिडि्डयां भी कीटनाशक की चपेट में आने से बच नहीं सकीं। यह भी एक-दो दिन में दम तोड़ देंगी।

टिड्‌डी नियंत्रण विभाग के संयुक्त निदेशक केएल गुर्जर ने बताया कि जोधपुर के केरलानाडा इलाके में 4गुणा4 किमी में टिड्‌डी दल फैला था। विभाग ने इसकी सूचना एयरफोर्स को दी। पौ फटते ही दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराने लगे। इसमें एमआई-17 हेलीकॉप्टर यूनिट के सीओ स्वयं उड़ान भर रहे थे। सुबह 5:50 बजे एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दो गन द्वारा छिड़काव शुरू किया गया।

बोरवैल पहले से था, उसे बिना हटाए सड़क बना दी

फोटो राजस्थान के झुंझुनूं की है।शहर के मंडावा रोड पर जेबी शाह गर्ल्स कॉलेज के पीछे वाली सड़क से गुजरें तो वाहन थोड़ा संभल कर चलाएं। यहां बीच सड़क पर एक बोरवैल के कारण आपके साथ कभी भी हादसा हो सकता है। यह सड़क नगर परिषद ने डेढ़ करोड़ की लागत से निजी कंपनी को ठेका देकर बनवाई है। सड़क पर इस इंजीनियरिंग का यह कमाल उसके ही अधिकारियों की देखरेख में हुआ है जिन्होंने पहले से बने जलदाय विभाग के बोरवेल को हटाए बिना सड़क बना दी। अब यहां आए दिन हादसे होते हैं।

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

ये फोटो छत्तीसगढ़ केदंतेवाड़ा से मसेनार के रास्ते पर टेमरु नाले की है। इस पर बनी पुलिया के 1 फीट ऊपर से पानी बह रहा है। जिले में रविवार को करीब 4 घंटे की बारिश हुई, जिससे कई गांव जिला मुख्यालय से कट गए हैं। मौसम विभाग ने आज भी कई जगह मूसलाधार बारिश की चेतावनी है।

रेनोवेशन का काम पूरा, खुलने के लिए सिर्फ केंद्र की हरी झंडी का इंतजार

13 अप्रैल, 1919 के दिन हुए जलियांवाला बाग कांड की शताब्दी के लिए बाग के संरक्षण, संवर्धन व विस्तारीकरण का काम पूरा हो चुका है। पहले इसे 13 अप्रैल को खोला जाना था पर कोरोना के चलते काम रुक गया था। अब केंद्र की मंजूरी मिलते ही इसे खोल दिया जाएगा। 20 करोड़ से तैयार बाग विश्व धरोहरों में शुमार होगा। यहां सैलानियों को इसके इतिहास से रू-ब-रूकराने को लाइट व साउंड प्रोग्राम अंग्रेजी, हिंदी व पंजाबी में 15 मिनट का तैयार हो चुका है। बाग में थ्री-डी व सेवन डी थियेटर भी बनाया गया है। 31 जुलाई को खुलने की संभावना है।

मां से शिकार के तरीके सीख रहे शावक

कोटा के मुकंदरा रिजर्व में बाघिन एमटी-2 के दोनों शावक अब ज्यादा नजर आने लगे हैं। दोनों अपनी मां से शिकार के तरीके सीख रहे हैं। लेकिन खास बात ये है कि इनका पिता एमटी-1 भी दोनों शावकों की ट्रेनिंग और देखभाल में बराबर ध्यान दे रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार आमतौर पर ऐसा नहीं होता है। मादा टाइगर ही शावकों की देखभाल करती है।

मिट्‌टी वाला पानी सुखना में पहुंचा, मछलियां मरी

रविवार को चंडीगढ़ की सुखना लेक में ही नहीं, बल्कि इसके साथ लगते ट्रैक पर भी मरी हुई मछलियां पड़ी हुई थी। कई पक्षी पानी में मरी हुई मछलियों को उठाकर ऊपर ट्रैक पर ले आए थे। पानी में भी कई मरी हुई मछलियां ऊपर ही सतह पर पड़ी हुई थी। इससे पहले धनास की लेक में भी इसी तरह से हजारों मछलियां मर गई थी।

जिसके बाद धनास लेक में एक सोलर फाउंटेन चंडीगढ़ प्रशासन को लगाना पड़ा था। दरअसल बारिश होने के बाद मिट्टी वाला पानी सुखना लेक में पहुंचता है और इसके चलते पानी में डिजॉल्व ऑक्सीजन का लेवल कम हो जाता है। यही एक कारण था जिसकी वजह से धनास लेक में भी काफी मछलियां पिछले वर्षों में मरी हुई मिली थी।



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On the eve of Shravan, Mahakal's adornment of Mogre's buds in Ujjain, will have to pass many rules to see Baba in Kashi.


from Dainik Bhaskar /local/delhi-ncr/news/on-the-eve-of-shravan-mahakals-adornment-of-mogres-buds-in-ujjain-will-have-to-pass-many-rules-to-see-baba-in-kashi-127483135.html

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