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Monday, July 6, 2020

वैक्सीन जल्द आ सके, इसलिए 140 देशों के 30 हजार लोगों ने खुद पर ट्रायल की इच्छा जताई https://ift.tt/3iFbqGT

कोरोनावायरस की बढ़ती त्रासदी को देखते हुए दुनियाभर में वैक्सीन पर तेजी से काम किया जा रहा है। इस काम में मदद के लिए लोग भी आगे आ रहे हैं। ऐसे में अमेरिका की एक संस्था ने अभियान शुरू किया है, जिसके तहत ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है जो वैक्सीन ट्रायल के लिए खुद कोरोना संक्रमित होने के लिए तैयार हैं। वन डे सूनर संस्था के इस अभियान से 140 देशों के 30 हजार से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। ऐसे वॉलंटियर्स की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आमतौर पर वैज्ञानिक ट्रायल के दौरान स्वस्थ लोगों को वैक्सीन की खुराक देते हैं और फिर उन्हें समाज में रहने के लिए छोड़ देते हैं। इसके बाद इंतजार किया जाता है कि वो अपने आप संक्रमित हों। इससे उस इंसान के शरीर की प्रतिक्रिया का पता चल सके। इस पूरी प्रक्रिया में लंबा वक्त लगता है। ऐसे में वैक्सीन को बाजार में आने में देरी हो सकती है।

संस्थान का विचार वैज्ञानिकों से अलग है। उन्होंने कहा कि संस्था ह्यूमन चैलेंज ट्रायल पर जोर देती है। जो लोग ट्रायल के लिए तैयार हैं, उन्हें वैक्सीन दी जाए। ऐसे में वैक्सीन के नतीजे जल्द पता चल पाएंगे। संस्था ने वॉलेंटियर्स के लिए कई शर्तें रखी हैं। इसके तहत सिर्फ युवा और स्वस्थ लोग ही रजिस्टर कर सकते हैं। वहीं वॉलेंटियर्स का कहना है कि वे समाज की भलाई के लिए ऐसा कदम उठा रहे हैं,वे चाहते हैं कि वैक्सीन जल्द आए और लाखों लोगों की जान बचे।

मलेरिया, हैजा वैक्सीन के लिए भी हुए थे ऐसे ट्रायल
रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक किसी देश ने वैक्सीन ट्रायल के लिए लोगों को जानबूझकर संक्रमित करने की अनुमति नहीं दी है। क्योंकि ये प्रयोग कई लोगों के लिए जानलेवा हो सकता है। ऐसे ट्रायल के लिए अमेरिकी एफडीए से मंजूरी लेनी होगी। इससे पहले मलेरिया और हैजा की वैक्सीन तैयार करने के दौरान ह्यूमन चैलेंज ट्रायल किए गए थे। ट्रायल के रजिस्टर्ड हुईं 29 साल की एप्रिल सिंपकिंस कहती हैं कि वह सोच रहीं थी, इस मुश्किल दौर में मदद कैसे करें, पर इस अभियान से जुड़कर लग रहा है कि हम भी कुछ योगदान दे सकेगंे।

चीन में कोरोना, हंता के बाद ब्यूबोनिक प्लेग फैला
उत्तरी चीन के बयन्नुर शहर में ब्यूबोनिक प्लेग के दो मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बयन्नुर में स्तर-3 की चेतावनी जारी की गई है। चीन के सरकारी अखबार पीपल्स डेली ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक चेतावनी का यह स्तर इस साल के अंत तक जारी रह सकता है। संक्रमित व्यक्ति को अलग रखा गया है, उसकी हालत स्थिर है। ब्यूबोनिक प्लेग बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है और यह जानलेवा हो सकता है। हालांकि इसके लिए एंटीबॉयोटिक मौजूद हैं। कोरोनावायरस, हंता के बाद यह तीसरी बड़ी बीमारी है, जिसकी शुरुआत चीन से हुई है।



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रिपोर्ट के मुताबिक, आमतौर पर वैज्ञानिक ट्रायल के दौरान स्वस्थ लोगों को वैक्सीन की खुराक देते हैं और फिर उन्हें समाज में रहने के लिए छोड़ देते हैं। (फाइल)


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