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Monday, July 6, 2020

वायरस के असर को कम करना है तो चॉकलेट खाएं, रिसर्च कहती है- यह आपको खुश रखती है और इम्युनिटी बढ़ाती है https://ift.tt/3iG53U2

कोरोनाकाल में वायरस के संक्रमण से बचना है तो चॉकलेट खाएं। यह दावा जापानी शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में किया है। साइंस ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चरजर्नल में प्रकाशित रिसर्च कहती है, यह प्राकृतिक तौर पर शरीर की इम्युनिटी बढ़ाती है। चॉकलेट खाने का असर इंफ्लुएंजा वायरस पर देखा गया। शोध में सामने आया कि जो लोग चॉकलेट खाते है उनके वैक्सीनेशन के बाद इम्यून रिस्पॉन्स और तेज होता है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक,शरीर में कोको पहुंचने पर एंटी माइक्रोबियल एक्टिविटी बढ़ती है जो इंफ्लुएंजा वायरस के असर को कम करती है। इसे सीमित मात्रा में खाना फायदेमंद है क्योंकि यह खुश रखने के साथ शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाती है।

आज इंटरनेशनल चॉकलेट डे है। इस मौके पर जानिए क्यों आपको चॉकलेट खाना चाहिए...

सेहत : बढ़ती उम्र का प्रभाव घटाती और वजन कंट्रोल करती है

  • एक अध्ययन के अनुसार दो सप्ताह तक रोजाना डार्क चॉकलेट खाने से तनाव कम होता है। चॉकलेट खाने से तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन नियंत्रित होते हैं। इसे ऑक्सीडेटिव तनाव घटाने के लिए बहुत शक्तिशाली माना गया है। इसकी वजह से सूजन, चिंता और इंसुलिन प्रतिरोध जैसी दिक्कतें उत्पन्न होती जाती हैं।
  • साल 2010 में हुए एक शोध से पता चला है कि यह ब्लड-प्रेशर को कम करती है। यूरोपीय सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी के शोध में पाया गया है किचॉकलेट खाते हैं तोदिल से जुड़ी कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है।
  • ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं द्वारा 2015 में किए गए अध्ययन के अनुसार यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। कैलिफोर्निया के सैन डिएगो विश्वविद्यालय के शोधमें पाया गया है कि जो वयस्क नियमित रूप से चॉकलेट खाते हैं, उनका बॉडी मास इंडेक्स चॉकलेट न खाने वालों की तुलना में कम रहता है।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार, चॉकलेट में मौजूद कोको फ्लैवनॉल बढ़ती उम्र के असर को जल्दी नहीं दिखने देता। वहीं, एक अमेरिकी अध्ययन के अनुसार रोजाना हॉट चॉकलेट के दो कप पीने से वृद्ध लोगों का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उनकी सोचने की क्षमता भी तेज होती है।

शुरुआत: यूरोप में मिली थी मिठास, शाही ड्रिंक में थी शामिल
अपने शुरुआती दौर में चॉकलेट का टेस्ट तीखा हुआ करता था। कोकोके बीजों को फर्मेंट करके रोस्ट किया जाता था और इसके बाद इसे पीसा जाता था। इसके बाद इसमें पानी, वनीला, शहद, मिर्च और दूसरे मसाले डालकर इसे झागयुक्त पेय बनाया जाता था।
उस समय ये शाही पेय हुआ करता था। लेकिन चॉकलेट को मिठास यूरोप पहुंचकर मिली। यूरोप में सबसे पहले स्पेन में चॉकलेट पहुंची थी। स्पेन का खोजी हर्नेन्डो कोर्टेस एज‍टेक के राजा मान्तेजुमा के दरबार में पहुंचा था जहां उसने पहली बार चॉकलेट को पेश किया।

सफर : 4 हजार साल का पुराना है इतिहास
चॉकलेट का इतिहास लगभग 4000 साल पुराना है। कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि चॉकलेट बनाने वाला कोको पेड़ अमेरिका के जंगलों में सबसे पहले पाया गया था। हालांकि, अब अफ्रीका में दुनिया के 70% कोको की पूर्ति अकेले की जाती है।
कहा जाता है चॉकलेट की शुरुआत मैक्सिको और मध्य अमेरिका के लोगों ने की था। 1528 में स्पेन ने मैक्सिको को अपने कब्जे में लिया पर जब राजा वापस स्पेन गया तो वो अपने साथ कोको के बीज और सामग्री ले गया। जल्द ही ये वहां के लोगों को पसंद आ गया और अमीर लोगों का पसंदीदा पेय बन गया।

यह है कोको का पेड़, जिसके बीजों को सुखाकर पीसा जाता है, इससे तैयार होने वाले पाउडर से चॉकलेट तैयार की जाती है। देश में चॉकलेट की सबसे ज्यादा खेती आंध्र प्रदेश में की जाती है।

व्यापार : 5 साल में 58% बढ़ा चॉकलेट का ऑनलाइन कारोबार

एक शोध में यह पाया गया कि पुरुषों की तुलना में भारतीय महिलाएं 25 फीसदी ज्यादा चॉकलेट ऑनलाइन मंगाती हैं। भारत में चॉकलेट का कारोबार हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। माना जा रहा है कि जिस गति से इसका कारोबार बढ़ रहा है। उस लिहाज से भारत में वर्ष 2023 तक यह 5.01 बिलियन यूएस डॉलर यानी 500 करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा। वर्ष 2017 में चॉकलेट का कंजम्प्शन 19.3 करोड़ किलो का रहा। वहीं चॉकलेट के ऑनलाइन कारोबार की बात करें तो वर्ष 2012 से 2017 के बीच ऑनलाइन रीटेल कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 57.9% रही। जिसकी वैल्यू 24.4 मिलियन डॉलर यानी 2.44 करोड़ रुपए रही।



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यह फोटो कोरोना चॉकलेट एग की है, जिसे फ्रांस के शेफ जेन फ्रेंकॉएस ने ईस्टर के मौके पर तैयार किया था।


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